झंझट

साहित्य

‘कॉरपोरेट दरबार’ में अलका मिश्रा ‘मिंकी’ ने खोली दफ्तरों की अनकही दुनिया

कुर्सियां बदलती हैं, लेकिन क्या सत्ता का खेल बदलता है? पुस्तक के जरिए कॉरपोरेट संस्कृति के भीतर के समीकरणों पर उठाए गंभीर सवाल पटना। कॉरपोरेट दुनिया बाहर से अवसर, सफलता…

पं. राजकुमार शुक्ल की जयंती राजकीय समारोह के रूप में मनाने के निर्णय पर कमलनयन श्रीवास्तव ने जताया आभार

पटना : राजकुमार शुक्ल स्मारक न्यास के महासचिव कमलनयन श्रीवास्तव ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के अनन्य सहयोगी एवं चंपारण सत्याग्रह के सूत्रधार पं. राजकुमार शुक्ल की जयंती 23 अगस्त को…

भीड़, निर्भरता और नैरेटिव की राजनीति — आखिर भारत किस दिशा में जा रहा है?

आज के भारत में सबसे बड़ी समस्या सिर्फ बेरोजगारी, पेपर लीक या राजनीति नहीं है। असली समस्या है — मानसिक निर्भरता। हर व्यक्ति सरकार की तरफ देख रहा है। हर…

Twisha Sharma Case: क्या केवल कानून काफी है या समाज की जड़ों पर चोट की जरूरत है?

भारत में जब भी किसी महिला उत्पीड़न, दहेज प्रताड़ना या संदिग्ध मौत का मामला सामने आता है, पूरा देश कुछ दिनों तक भावनात्मक बहसों में डूब जाता है।टीवी स्टूडियो गरजते…

Maans Khana Sahi Ya Galat? 🤔 Religion, Science aur Reality | Shubhendu Prakash

भारत में “मांस खाना चाहिए या नहीं” सिर्फ एक खान-पान का विषय नहीं है, बल्कि यह एक नैतिक, धार्मिक और व्यवहारिक बहस बन चुका है। एक तरफ धर्म है जो…

Small Talk

बिहार और पलायन (भाग 1)

चुनावी दौर में भी बिहार की जिन समस्याओं की बात नहीं होती, उनमें से एक है #पलायन। बात क्यों नहीं होती, इसका एक बड़ा राजनैतिक कारण तो आपको बिहार के…

Jharkhand and Jaliyanwala Baag – The Kharsawan Massacre

झारखण्ड के गठन को आज करीब दो दशक बीतने को हैं। इसके बाद भी झारखण्ड को एक अलग राज्य बनाने के आंदोलनों में जिन वीरों ने अपने प्राणों का बलिदान…

क्या कांग्रेस मैनिफेस्टो में संपत्ति के पुनः बंटवारे के बारे में नहीं लिखा?

एक प्रेस वार्ता में कांग्रेसी नेता जयराम रमेश कांग्रेस का तथाकथित “न्याय पत्र” यानि अपना चुनावी घोषणापत्र लहराकर कहते हुए दिखाई दिए कि हमारे बारे में झूठ फैलाया जा रहा…

बलि प्रथा पर अदालतों ने क्या फैसले दिए हैं? || Ritual Sacrifice Bali and Indian Laws

मंदिरों में बलि की प्रथा कानूनों और अदालत के माध्यम से हिमाचल प्रदेश, त्रिपुरा और कर्णाटक में प्रतिबंधित हैं। मुहम्मडेन लोगों के लिए क़ुरबानी पर भी प्रतिबन्ध है, लेकिन उस…

माया प्रेम और भगवद्गीता || Notting Hill and Bhagwad Gita

दो लोगों की कहानी है “नोट्टिंग हिल” । जब 1999 में ये फिल्म आई थी, तबसे लेकर अबतक इसे रोमांटिक कॉमेडी की विधा की अच्छी फिल्मों में गिना जाता है।…

समाचार सार